भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence)

  

The Basics of Emotional Intelligence

Emotional Intelligence आपकी अपनी भावनाओं को प्रबंधित (manage) करने और आपके आस-पास के लोगों की भावनाओं को समझने की क्षमता है।








  1. Self-awareness: Recognizing and understanding one’s own emotions.                                   अपनी भावनाओं को पहचानना और समझना।

  2. Self-regulation: Controlling or redirecting disruptive emotions and impulses.                     विघटनकारी भावनाओं और आवेगों को नियंत्रित या पुनर्निर्देशित करना।

  3. Motivation: Being driven to achieve for the sake of achievement.                               उपलब्धि के लिए हासिल करने के लिए प्रेरित होना।

  4. Empathy: Understanding the emotional makeup of others.                                                दूसरों के भावनात्मक मेकअप को समझना।

  5. Social skills: Managing relationships to move people in desired directions.                      लोगों को वांछित दिशाओं में ले जाने के लिए संबंधों का प्रबंधन करना।


कार्यस्थल में भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence in the Workplace)

Emotional Intelligence कोई संदेह नहीं है कि एक व्यक्तिगत विकास का उपकरण है, यह वास्तव में टीम की गतिशीलता, नेतृत्व प्रभावशीलता और संगठनात्मक संस्कृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उच्च भावनात्मक बुद्धिमत्ता वाले नेता सक्षम हैं:

  • एक अधिक समावेशी और सहयोगी (inclusive and collaborative )वातावरण को बढ़ावा देना।

  • संकट को संयम के साथ संभालें, व्यवधान (disruptions)और घबराहट को कम करें।

  • कर्मचारियों के साथ वास्तव में जुड़कर उच्च जुड़ाव के स्तर को ड्राइव करें।

  • रचनात्मक प्रतिक्रिया प्रदान करते हुए, कठिन वार्तालापों को नेविगेट करें।


भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence ) एक स्थिर विशेषता नहीं है - इसे समय के साथ विकसित और सम्मानित किया जा सकता है। 

  • आत्मनिरीक्षण(Introspection): खुद के साथ समय बिताएं , अपने भावनात्मक ट्रिगर और पैटर्न को समझें।

  • माइंडफुलनेस और मेडिटेशन: ये अभ्यास आत्म-जागरूकता और भावनात्मक विनियमन को बढ़ा सकते हैं।

  • सक्रिय सुनना (active listening): बोलने की तुलना में सुनने को प्राथमिकता (priority) दें। निर्णय के बिना दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करें।

  • सहानुभूति का अभ्यास करें (practice empathy): दूसरों की भावनाओं को समझना ।

  • Feedback प्राप्त करें: अपनी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और प्रतिक्रियाओं के बारे में प्रतिक्रिया के लिए खुद को खोलें।





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